पृष्ठ:हिंदी कोविद रत्नमाला भाग 1.djvu/१११

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(२०) पंडित प्रतापनारायण मिश्र । Yडित प्रतापनारायण मिश्र कात्यायन गोत्रीय कान्यकुल पं ब्राह्मण वैजेगांव के मिध थे। यह पैजेगांव अवध के जिले में शहर उन्नाव सेधेोड़ी दूरपर है । पंडित प्रतापनारायण के पिता का नाम संकटाप्रसाद, पिता- मह का रायदयाल और प्रपितामह का नाम राम सेवक था। इनके पिता संकटाप्रसाद १४ वर्ष की उम्र में कानपुर में गबसे थे। ये एक अच्छे ज्योतिषी थे । इसलिये धीरे धीरे उनका गर्थिक अवस्था अच्छी होती गई और कुछ दिनों में उन्होंने रेयासत भी पैदा करली! पंडित प्रतापनारायण मिथ का जन्म पाश्विन कृष्ण १ संवत् १९१३ ( सन् १८५६ ई०.) में हुआ था। इनके पिता ने इन्हें अपनी रह ज्योतिर्विद् बनाना चाहा परंतु इनकी उस ओर रुचि न थी, इसलिये उन्होंने लाचार होकर इन्हें अंगरेजीमदरसे में पढ़ने बैठाया। र थोड़े हो दिनों में इन्होंने यह मदरसा भी छोड़ दियां और एक पादरियों के मदरसे ( मिशन स्कूल ) में भरती हुए परंतु इनका पढ़ने लिखने में मन नहीं लगता था। इसलिये अंगरेजी भाषा में कुछ थोड़ी सी विज्ञता प्राप्त करके सन् १८७५ ई० के लगभग इन्होंने वह स्कूल भी छोड़ दिया। इसके कुछ दिनों बाद इनके पिता का देहांत हो गया और उसी दिन से इनके विद्याध्ययन की भी इति. धो हुई। अंगरेज़ी के साथ में इनकी दूसरीभाषा हिंदी थी, पर इन्होंने उर्दू में भी अच्छा अभ्यास कर लिया था, साथ ही इसके कुछ कुछ संस्कृत और फारसी भी जानते थे ।