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८ स्टालिन और ट्रॉट्स्की का संघर्ष किन्तु रूसी क्रांति के यह तीनों नेता मित्र होते हुए भी भव परस्पर लड़ने झगड़ने लगे । प्रथम नम्बर लेनिन का था। वह पूर्व का रहने वाला, पश्चिम में आकर पता और वहीं उसने शिक्षा प्राप्त की थी। प्रकृति ने उसे एक सुन्दर मस्तिष्क और दृढ़ इच्छाशक्ति दी थी। अपनी मृत्यु के अन्तिम दिन तक वह रूसी-कांति का प्रवल समर्थक रहा। वह अपने जीवन में हो जनता के लिये अवतार बन गया था। रूस की असंख्य प्रजा उसे अवतार की तरह मानती थी। आज भी मास्को के लाल चौक में उसकी प्रस्तर-प्रतिमा मौजूद है। मजदूर और किसान जब उसके पास से गुजरते हैं तो उनका मस्तक उसके प्रति सन्मान से झुक जाता है। उनके हृदयों में उसका मान संसार के अस्विरध तक कायम रहेगा। उसके सहायक ट्रॉट्की और स्टालिन में इतना भारी मतभेद था कि उसका ठीक २ अनुमान करना आसान नहीं। ट्रॉदरकी यहूदी और बड़ा प्रतिभाशाली था । स्टाखिन एक किसान का बेटा था। बह साहसी और रद्ध था। स्टालिन सच्चे भयों में एक सरल-प्रकृति का गँवार देहाती था। वह प्रत्येक प्रकार के व्यसन अथवा दोष से रहित था। वह प्राचीन