पृष्ठ:साम्राज्यवाद, पूंजीवाद की चरम अवस्था.djvu/१९२

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व्ला॰ इ॰ लेनिन ने इसमें उक्त मांग का मूर्त्तऐतिहासिक आशय स्पष्ट किया है और मार्क्सवादी पार्टी का राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रस्तुत किया है।

व्ला॰ इ॰ लेनिन ने सभी राष्ट्रों के समानाधिकारों और स्वयं अपना भाग्य-निर्णय करने के उनके अधिकार का समर्थन किया है।

पुस्तक के अंत में टिप्पणियां दी गयी हैं। पृष्ठ संख्य १०३, आकार १३×२० सेंटीमीटर

मूल्य १२ न. पै.

व्ला॰ इ॰ लेनिन , 'सोवियत सत्ता और स्त्रियों की स्थिति। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस', लेख संग्रह, पृष्ठ संख्या १३।

ये लेख सोवियत सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक काल (१९१९-१९२१) में लिखे गये। जो काम इतिहास की किसी अन्य क्रान्ति द्वारा न हो सका , उसे अक्तूबर समाजवादी क्रान्ति ने पूर्णतया सम्पन्न कर दिखाया—स्त्रियों के उत्पीड़न तथा कानूनी असमानता को पूरी तरह ख़त्म कर दिया। सोवियत सत्ता के अधीन स्त्रियों को देश के राजनीतिक तथा आर्थिक जीवन में भाग लेने के सभी अवसर प्राप्त हुए।

पुस्तक के अंत में टिप्पणियां दी गयी हैं। आकार १३×२० सेंटीमीटर।

मूल्य ३ न. पै.

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सोवियत किताबें पढ़िये!

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