पृष्ठ:यंग इण्डिया.djvu/८१

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शराबकी दूकानोंपर पहरेका ( जो आरम्भ हो गया था) समर्थन,अलीगढ़ और मालेगांवमें जनताके द्वारा किये गये उपद्रवोंपर खेद प्रकाश और कार्यकारिणी समितिको सर्व भारतीय कांग्रेस कमेटीकी आगामी बैठकमे विचागर्थ पेश करनेके लिये कांग्रेसकी वैदेशिक नीतिकी एक विज्ञप्ति तैयार करनेका अधिकार दान सम्बन्धी प्रस्ताव स्वीकृत हुए।

परिमित सविनय अवज्ञा स्वीकृत।

कमेटीके निश्चयोमेंसे ४ था निश्चय इस प्रकार है-

“सर्व भारतीय कांग्रेस कमेटीका ध्यान संयुक्त प्रांत तथा अन्य प्रदेशोंके कार्यकर्ताओकी इम न्याय्य इच्छाकी ओर गया है कि प्रांतिक सरकारोंकी दमननीतिके प्रतीकारमें सविनय अवज्ञा की जाय। कमेटीके ध्यानमें यह बात भी है कि सदर खिलाफत कमेटीने सरकारी कर्मचारियोके द्वाग वन में किये गये अत्या- चारोकी शिकायतोंकी जांच करनेके लिये जिस सीमा जांच कमेटीकी नियुक्त की थी उसको पश्चिमोत्तर सीमाप्रान्तकी सर- कारने अपने प्रान्तमें घुमने ही न दिया। परन्तु मारे भारतमें अहिंसात्मक भावोंके सुगृढ़ हो जानेके उद्देश्यमे और इस बातकी परीक्षा करनेके लिये कि कांग्रेसने जनतापर कहांतक प्रभाव स्थापित कर लिया है तथा देशमें खदेशीके उचित और शीघ्र प्रचार के लिये राष्ट्रमें शान्तिपूर्ण परिस्थिति कायम रखने के लिये, सर्व-भारतीय कांग्रेस कमेटीकी यह सम्मति है कि जबतक वह कार्यक्रम न पूरा हो ले जिसका स्वदेशी सम्बन्धी निश्चयमें जिक्र