पृष्ठ:यंग इण्डिया.djvu/१५४

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बहुत कम दिलचस्पी दिखलाते हैं। कार्यक्रमके उत्साहसे प्रभावित होकर कार्यकर्त्तागण आपही आप पुलिसके शिकार बन बैठे और उसने जहां कहीं इन्हें अपना निर्दोष कार्य सम्पादित करते देखा फोजदारीकी किसी अनुकूल धागके अनुसार फांस लिया और कभी कभी ना अपने कार्यको बैध दिखलानेका भी कष्ट नहीं उठाया। सर्वभारतीय कांग्रेस कमेटीकी लखनऊ में पुनः बैठक हुई और उसने कदम आगे बढ़ानेका भाव मारे देशमें देखकर परिस्थितिकी पूरी जांच करनेके लिए जांच कमेटीको नियुक्त की। देश नब भारतीय कमेटीकी ओरसे मार्गदर्शकको प्रतीक्षामें है। यही इस चित्रकं पक पहलू का दृश्य है ।

सरकारकी स्थिति

बारडोली प्रस्तावको कमजोरीका चिह्न समझने में सरकारने बड़ी भूल को। दिल्लोके सुधार प्रस्तावोंसे यह परिणाम निकाल. कर कि महात्मा गांधोकी सर्वप्रियता घट रही है उनके ऊपर उसने कड़ी निगाह डाली। महात्माजीकी गिरफ्तारी के बाद भी देशका वायुमण्डल पूर्णतः शान्त बना रहा। इससे दमनकी कठोरता और गति भी बढ़ गयी और कई प्रान्तोंमें तो शान्तिपूर्वक रचनात्मक कार्य करना असम्भवसा हो गया । सरकारने यह समझा कि इस प्रकारकी जबर्दस्तीकी शान्तिसे जनता सन्तुष्ट न रहेगी, इसलिये उसने सभी विदेशी और स्वेच्छाचारी सरकारोंकी तरह जनताको भयसे दबाये रखनेका