पृष्ठ:महात्मा शेख़सादी.djvu/१८

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होने में कोई सन्देह नहीं, कि न्यायप्रिय, प्रजाभक्त राजा को कोई शत्रु पराजित नहीं कर सकता। जब इन गुणों में कोई अंश कम होजाता है तभी उसे बुरे दिन देखने पड़ते हैं। सादी ने दीनों पर दया, दुःखियों से सहानुभूति, देश भाइयों से प्रेम आदि गुणों का बड़ा महत्व दर्शाया है। कोई आश्चर्य्य नहीं कि उसके उपदेशों में जो सजीवता देख पड़ती है वह इन्हीं हृदयविदारक दृश्यों से उत्पन्न हुई हो।