पृष्ठ:भारत में अंगरेज़ी राज - पहली जिल्द.djvu/४२८

यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।
१७०
भारत में अंगरेज़ी राज

भारत में अंगरजी राज में और उसमें बड़ा अन्तर था। मीर जाफ़र अयोग्य, निर्बल, ____ स्वार्थी, अदूरदर्शी और भीरु था। इसके विपरीत मीर कासिम का मीर कासिम की योग्यता, उसके बल, अपनी चरित्र और शासन - प्रजा के लिए उसकी हित चिन्ता, उसकी दूर- दर्शिता, उसकी वीरता और शासक को हैसियत से उसकी कार्य कुशलता की करीब करीब सब इतिहास लेखकों ने मुक्तकण्ठ से प्रशंसा की है । इतिहास लेखक करनल मालेसन जगह जगह लिखता है कि मीर कासिम "अत्यन्त योग्य और व्यवहार कुशल मनुष्य था.... अपने इरादों में लोहे की तरह दृढ़ रहता था, हर बात को ठीक ठीक समझ कर उसका जल्दी से फैसला कर सकताथा,उसके विचार उदार थे ... ‘उसका दिमाग साफ़ था और उसका चरित्र मजबूत था ।*" ___एक दूसरा अंगरंज इतिहास लेखक लिखता है- मीर कासिम के अन्दर एक सिपाही की बीरता और एक राजनीतिज्ञ की दूर- दर्शिता दोनो मौजूद थी।" करनल मालसन लिखता है कि मीर कासिम को मीर जाफ़र के साथ देशघातकों की पंक्ति में रखना मीर कासिम के साथ अन्याय करना है। वह यह भी लिखता है कि मीर कासिम का इरादा मीर जाफर के साथ विश्वासघात करने का न था। मीर कासिम ने अपने बूढ़े श्वसुर मीर जाफ़र की निर्वलता, - --- ------ -- --

in a orr at tatt and abiliry of arou will uuch drCISHOn large their ol clear read and strong character - The Decisce Buttles of India bytolonel Mallesoth PF 127, 145 "He united the gallantrs of the soldier with the sagacts of tne statesman -Transactions in India fran 1737 10 1787