पृष्ठ:भारत में अंगरेज़ी राज - पहली जिल्द.djvu/२१

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खसोट- मुंगेर की सन्धि ---मीर कासिम का चुंगी उठवा देना-अंगाल में फिर से खुशहाली दूसरा सूबेदार खड़ा करने की तजवीज मीर कासिम से नई नई मांगे-मीर कासिम की प्रजा के साथ जल्म और ज़्यादतियां--- मीरजाक्षर के साथ दोबारा साज़िश-उदवानाला की लड़ाई-मीरकासिम के ईसाई अफसरों की नमक हरामी-मीर कासिम की पराजय-~मीर कासिम के शासन का अन्त मीर कासिम के शासव पर एक दृष्टि । पृष्ठ १४७-१९६ पाचवाँ अध्याय फिर मीर जाफर मीर जाकर के साथ नई सन्धि-बंगाल की और बुरी हालत-मीर जाफ़र की शिकायते--मीर कासिम के अन्तिम प्रयत्न अंगरेज़ों के नाम शुजाउद्दौला का प्रयत्न---शुजाउद्दौला और शाहालम में फूट डालने की कोशिश-~-शुजाउद्दौला की सेना में विश्वासघातक-वक्सर की लड़ाई- मीर कासिम की मृत्यु-कम्पनी और शुजाउद्दौला में सन्धि-मीर जाफर का करुणाजनक अन्त । पृष्ठ १६७-२१६ छठा अध्याय मीर जाफर की मृत्यु के बाद नवाब नजमुद्दौला के साथ कम्पनी की नई मन्धि-नन्दकुमार की गिरफ़्तारी-क्लाइव का दोबारा भारत आना-काइव की योजना---