पृष्ठ:भारत में अंगरेज़ी राज (दूसरी जिल्द).djvu/२०२

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दूसरे मराठा युद्ध का प्रारम्भ

दूसरे मराठा युद्ध का प्रारम्भ जब जो राजनैतिक या सैनिक काररवाई करना चाहे , कर डालें। २७ जून को गवरनर जनरल ने अपने भाई के नाम एक दूसरा 'अत्यन्त गुप्त' पत्र लिखा जिसके नीचे लिखे वाक्य उद्धृत करने के योग्य है- "इस पत्र के पाते ही प्राप करनल कॉलिन्स को लिख दीजिये कि सौंधिया और बरार के राजा दोनों से उनके साफ़ साफ़ विचार दरियाफ्त किए जाय और उन्हें उत्सर के लिए इतनी मियाद दी जाय जितनी कि आपको मौसम xxx और अपनी सग्राम सम्बन्धी सुविधाओं का पूरा विचार करते हुए ठीक मालूम हो। "ऐसी स्थिति में या दूसरी किसी भी स्थिति में जब आपको युद्ध करने की आवश्यकता अनुभव हो तब x x x मैं आपको आदेश देता हूँ कि पाप सींधिया और बरार के राजा इन दोनों कीxxx सैनिक शक्ति का सर्वनाश कर डालने मे अपनी पूरी ताकत लगा दें। x x x विशेष full powers to conclude upon the spot whatever arrange- ments may become necessary eather for the final settlement of peace or for the active prosecution of war to vest these important and arduous powers in your hands Ifurther empower and direct you to assume and exercise the general direction and control of all the political and military affairs of the British Government in the territories of the Nizam ot the Peshwa and of the Maratha States and Chiefs -Governor Generals secret despatch to Major General Wellesley,dated 26th June 1803