पृष्ठ:प्राकृतिक विज्ञान की दूसरी पुस्तक.djvu/५२

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(४४ ) कारण है कि गिलास में वायु भरी हुई है । यह वायु पानी को गिलास में आने से रोकती है। अब तुम लकड़ी के एक छोटे से चौकोर या गोल टुकड़े पर एक मोमबत्ती का टुकड़ा जलाकर रक्खो और गिलास को उसके ऊपर ढक दो। तुमको थोड़ी देर में मोमबत्ती बुझती हुई दिखलाई देगी और गिलास के कुछ भाग में पानी चढ़ आवेगा । इसका क्या कारण है ? इसका यही कारण है कि गिलास में से कुछ वायु कम EN EFTP चित्र सं० २४ हो गई है । यह वायु मोमबत्ती के जलने में खर्च हुई है। जब तक यह वायु गिलास में रही तब तक मोमबत्ती जलती रही । ज्योंही यह वायु खतम हुई त्यों ही मोमबत्ती बुझ गई। इससे मालूम हुआ कि यह वायु वस्तुओं के जलने में सहायता देती है। इसको 'पौक्सिजन' कहते हैं। Courtesy Dr. Ranjit Bhargava, Desc. Naval Kishore. Digitized by eGangotri