पृष्ठ:परिवार, निजी सम्पत्ति और राज्य की उत्पत्ति.djvu/१०५

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, रहस्य का पता लगाया तो इंगलैंड के पुरातत्त्वविदों की, जिन्हे अमूमन् अपने में बहुत विश्वास रहता था, कुछ समय के लिये बोलती बद हो गयी। मोर्गन ने रक्त-सम्बन्धियों के इस समूह के लिये साधारण रूप से जिस लैटिन शब्द gens का प्रयोग किया है, वह अपने यूनानी पर्याय gerlos की ही तरह , समान आयं धातु gan (जो जर्मन भाषा मे, आर्य भाषा के g के k वन जाने के नियम के अनुसार kan हो जाता है ) से व्युत्पन्न हुआ है, जिमका अर्थ है “जन्म देना"! Gens, genos, सस्कृत भापा का जनस , गोथिक भापा का kuni (यह शब्द भी उपरोक्त नियम के अनुसार बना है), प्राचीन नौर्दिक और एंग्लो-सैक्सन भाषा का kyn अंग्रेजी भाषा का kin और मध्योत्तर जर्मन भापा का kinne-इन सब शब्दों का एक ही अर्थ है, और वह है : रक्त-सम्बन्ध , वंश । परन्तु लैटिन भाषा में gens और यूनानी भाषा में genos विशेष रूप से रक्त-संबंधियों के उन समूहों के लिये प्रयक्त होते है जो एक वंश के होने का ( यहा एक ही पुरुष के वशज होने का) दावा करते है, और जो कुछ विशेष सामाजिक तथा धार्मिक रीतियों से बंधकर एक विशिष्ट जन-समुदाय बन गये है, परन्तु जिनकी उत्पति और प्रकृति के विषय में अभी तक सभी इतिहासकार अंधकार में थे। हम ऊपर पुनालुमान परिवार के सम्बन्ध में देख चुके है कि शुरू मे gens, अर्थात् गोत्र कैसे बनता था। उसमे वे तमाम लोग शामिल होते थे जो पुनालुप्रान विवाह की बदौलत और उसके साथ अनिवार्यतः प्रचलित विचारों के अनसार, एक निश्चित पूर्वजा के, यानी इस गोत्र की स्थापना करनेवाली नारी के वंशज माने जाते थे। परिवार के इस रूप मे चूकि यह निश्चय के साथ नहीं कहा जा सकता था कि बच्चे का पिता कौन है, इमलिये वश केवल नारी के नाम से चलता था। और भाई-बहन मे चूकि विवाह वर्जित था, और पुरुष केवल किसी और वश की स्त्रियों से ही विवाह कर सकता था, इसलिये इन स्त्रियो से पैदा होनेवाले बच्चे मात- सत्ता के नियम के अनुसार गोत्र के बाहर होते थे। अतएव, हर एक पीढ़ी की केवल पुत्रियों की सतान ही गोत्र मे रह पाती थी, और पुत्रों की संतान अपनी माताओं के गोत्रो की मानी जाती थी। अस्तु, इस रक्तसम्बद्ध समुदाय का उस समय क्या होता है जब वह कबीले के अन्दर , ऐसे ही अन्य समुदायों से पृथक् रूप में गठित होता. है ? - . १०७