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साथ पारस्परिक व्यापार करार किए थे, इससे भी कम्युनिष्ट देशो से उसके व्यापारिक सम्पर्क मे बाधा पडी। सोवियत कूटनीतिज्ञो का कहना था कि पाकिस्तानी-अमरीका करार मे एक ऐसी धारा है कि जिसके आधार पर अमरीका पाकिस्तान मे सैनिक अड्डे बना सकता है।

पाकिस्तान अन्तत एक अविकसित देश है इसलिए उद्योगो मे पूजी विनियोजन का अधिकाश कार्य सरकार को स्वय करना पडता है जो अब लगभग ठप हो रहा था।

विज्ञान का वर्ष—

इस वर्ष को स्पुतनिक और राकेट का वर्ष भी कहा जा सकता है। इस अन्तर्राष्ट्रीय भू-भौतिक वर्ष मे सबसे अधिक वैज्ञानिक खोजे की गई। इसी वर्ष जेनेवा मे विश्व का दूसरा परमाणु शक्ति सम्मेलन हुआ। और दक्षिणी ध्रुव पर विजय मिली। नागरिको ने प्रथम वार जेट विमानो मे यात्रा की। अमरीका ने परमाणु शक्ति चालित पनडुब्बी के सफल परीक्षण किए। इसलिए इसे विज्ञान का वर्ष ही कहा जाना चाहिए।

सबसे अधिक खोज अन्तर्राष्ट्रीय भू-भौतिकी वर्ष के अन्तर्गत अन्तरिक्ष की हुई। वर्ष के अन्तिम दिनो मे मानव चन्द्रमा के सबसे निकट पहुँचा। यद्यपि चन्द्रमा तक पहुँचने के मानव प्रयत्न असफल हुए, परन्तु आगे को प्रेरणा अवश्य मिली। रूस और अमेरिका ने ही राकेट और उपग्रह अन्तरिक्ष मे छोडे, भारत मे भी दो परीक्षणात्मक राकेट मैसूर और पटना मे छोडे गए, जिनका उद्देश्य उनके बनाए हुए किसी विशेष प्रकार के राकेट-ईधन का परीक्षण करना था। इससे प्रथम रूस दो सफल स्पूतनिक व्योम मे स्थापित कर चुका था ११ अक्टूबर को पायोनियर नामक एक शक्ति वाला राकेट अमरीका ने छोडा था जो नष्ट हो गया। इसके बाद जनवरी ३१ को अमरीका का एक परीक्षण सफल हुआ। इसके बाद २६ जुलाई को अमरीका ने अपना सबसे बडा उपग्रह पायनियर अन्तरिक्ष कक्ष मे स्थापित किया। फिर नवम्बर मे साढे चार टन वजन का एटलस प्रक्षेपणास्त्र छोडा। रूस ने १५ मई को अपना तीसरा और सबसे भारी स्पुतनिक तृतीय छोडा। अमेरिका और रूस