पृष्ठ:किसान सभा के संस्मरण.djvu/१७०

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( ११५ ) सत्रह गाँवों के किसान जमा थे। जिले के सरकारी बोर्ड के मेम्बरों को जो यह शक था कि अभी तक किसान उत्तरदायी शासन के लिये तैयार नहीं हैं, अतः उसकी माँग वेकार है, उसका मुँहतोड़ उत्तर वहीं एक किसान ने चट दे दिया कि "नहीं नहीं, यह बात नहीं है। असल बात तो यह है कि किसान उसके लिये जरूरत से ज्यादा योग्य और तैयार हैं। इसीसे सरकार giat " "Another . ( peaşant) copfoting the Zematoomen's doubts as to peasant ripeness for responsibility, asserted that the trouble that they were over ripe." was