पृष्ठ:काश्मीर कुसुम.djvu/२९८

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महनशाह की भेंट दो लिए निमंत्रित होकर पाए थे, उस अक्सर में बड़ा मलब हुमा था । सन् १८७३ से जनरल काफमैन ने खोवा को अधिकार में जाकार इस का कुछ खंड हसी महाराज्य में जोड़ा था । सन् १८७४ में इन्हों- ने अपने राज्य के चारो ओर पर्यटन किया, जहां २ इन का गमन होता था वहां २ की प्रजा बड़ी धूम धाम से इन का आदर सन्मान करती थी । लन् १८७५ में इन के जनरल काफमैन ने कोखन्द नामक स्थान को सर किया और सबज दरिया का उत्तर भाग अपने अधिकार में करके मस्का विट के राज्य को मिला लिया। सन् १८७६ में जब टर्की और सर्विया को बीच में युद्ध प्रा- रंभ हुषा, उसमें इन्हों ने कुछ खयं सहायता किसी की नहीं की। हां रूसी लोग सर्विया की सैन्य समूह में गए थे । जब तुर्क लोगों ने अलेकजनाम को फत: वाम लिया उस समय कुस्तुन्तु नियां में रहने वाले वकील ने सुल्तान को छः सप्ताह तक युद्ध बन्द करने के लिए एक निवेदनपत्र प्रदर्शित किया था, जिसे सुल्तान ने मान्य किया। सन् १८०७ में, टर्की और सर्विया के सध्य एक सन्धीपत्र हुआ और इसी वर्ष में यूरप के सब राजी को वकीलों का कुस्तु- न्तुनियां में कान्फरेंस हुआ था, उस में जो व्यवस्था नियत हुई सो टर्की के सुलतान को माननीय न हुई इस कारण ज़ार ने टर्की से लड़ने का उद्देश प्रकट किया। इस युद्ध में तुर्क लोग बड़ी शूरता से लड़े परन्तु तुर्की लीग पराजित हुए।

उस समय रूसी सेना कुस्तुन्तुनियां के द्वार तक पहुंची थी। सन् १८७८ ता० १८ फेब्रुअरी को एक सन्धि पत्र स्थान से फेनों में हुअा। जिसके नियम घर्लिन के कान्फरेंस में कुछ परिबर्तित हुए थे। ज़ार का चित्त सर्वदा धर्म विषय में लगा रहता था, इसी कारण ये सब भजन मन्दिरों के अध्यक्ष हुए धे परन्तु ये रोमन कैथलिक चर्च से द्वेष रखते थे। ज़ार के ऊपर दो मारण प्रयोग हुए प्रथम सन् १८६६ ता० १६ एप्रिल को ज्योंही ये गाड़ी पर सवार होते थे कि एक कारावोसोक विद्यार्थी ने] गोली चलाई परन्तु एक कारी- गर ने उसी क्षण अपने बुद्धि बल से उस विद्यार्थी के हाथ को फेर दिया इस कारण निशाना उसका छाली गया।

इस बात को देख कर ज़ार ने उस कारीगर कामिसरीफ नासक को उच्च पदवी का सरदार बनाया। द्वितीय सन् १८६७ में ता० ६ जन को पारिस में पोल जाति के बरेजो बास्की नामका पुरुष ने इन पर गोली चलाई थी