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काव्य में रहस्यवाद


के, जो कोई त्रुटि नहीं; बिना छंद के, जो एक त्रुटि अवश्य है और प्रायः बिना किसी बुद्धि-व्यवस्था के, जो एक भारी त्रुटि है।

यह सूचित करना आवश्यक है कि उत्तम काव्य के सब लक्षणो की दृष्टि से उसका विधान दूषित है। जैसा कि किसी ने कहा है, यदि शेक्सपियर, कीट्स और गेटे (Goethe) कवि हैं तो ह्विटमैन कदापि नहीं।"*

और विलायती हवाओं की तरह यह हवा भी बँगला से होती हुई हिन्दी में आई है और छायावाद के साथ उसकी विलक्षणता बढ़ाने के लिए जोड़ी गई है। पर यह अच्छी तरह समझ रखना चाहिए कि इसका रहस्यवाद से कोई सम्बन्ध नही। अतः इसके सम्बन्ध मे हम यहाँ कुछ अधिक नहीं कहा चाहते। छंद और लय (Rythm) के विषय में विचार करते समय इतना अवश्य ध्यान मे रखना चाहिए कि कविता एक बहुत ही पूर्ण कला है। इस पूर्णता के लिए वह संगीत और चित्रकला दोनो की


*"A chaos of impressions, thoughts or feelings thrown together without rhyme, which matters little, without metre which matters more; and often without reason which matters mach".

It must be pointed out, however, that all the canons of good poetry condemn his methods. As some one has said, if Shakespeare, Keats and Goethe were poets, Whitman is not

A. B. De. Mille Literature in the Century

(The Nineteenth Century Series).