पृष्ठ:काव्य दर्पण.djvu/४९

यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

____ कल्पना के तीन प्रकार हैं-पहली है, उत्पादक कल्पना (Creative imagi- nation)। यह मन को वह निर्माणमयी वृत्ति है, जो अकिचित् में से सब कुछ ला खड़ा कर देती है। इसीको अभिनवगुप्त "अपूर्व वस्तु के निर्माण में समर्थ प्रज्ञा या प्रतिभा कहते हैं और पण्डितराज इसे "काव्य-घटना के अनुकूल शब्द और अर्थ की उपस्थिति"२ मानते है। कोई कोई इसे शक्ति कहते हैं । “यह कवित्ववीज- रूप संस्कार विशेष है।"3 दूसरी है, संयोजक कल्पना ( Associative Imagination )। इसका काम है एक वस्तु का दूसरी वस्तु से मेल करना । अप्रस्तुत-योजना आदि इसीके अन्तर्गत आते हैं। तीसरी है, अवबोधक कल्पना (Interpretarive imagination)। इसका कार्य-कलाप है नवीन अर्थ का उद्भावना, अभूतपूर्व वस्तु का अश्रुतपूर्व संबंध स्थापित करना और ऐसी उड़ान उड़ना, जिसमे तर्क की प्रबलता हो । सारांश यह कि वह कल्पना 'जहाँ न पहुँचे रवि वहां पहुंचे कवि' का भी उदाहरण हो । जिस प्रकार कवि कल्पना से वाच्यार्थं व्यक्त करता है उसी प्रकार पाठक भी कल्पना से ही उसे ग्रहण करता है। व्यक्तीकरण और ग्रहण, दोनों की शक्ति समान रूप से कल्पना पर निर्भर करती है। अतः, कल्पना के विधायक और ग्राहक के नाम से दो और भेद होते है। ____ श्री अरविन्द घोष ने विषयनिष्ठ ( Objective ) और विषयनिष्ठ ( Sub- jective) के नाम से कल्पना के दो भेद किये हैं ; क्योकि कल्पना वाह्य जगत् की वस्तुओं तथा अन्तर्जगत् की अनुभूतियों को लेकर अपना कार्य करती है। वे कहते हैं-"विषयनिष्ठ कल्पना-शक्ति जीवन और जगत् को वाह्य अवस्थाओं को तीव्रता से प्रत्यक्ष करती है। विषयनिष्ठ कल्पना-शक्ति भावमय अनुभूतियों को उबुद्ध करनेवाली शक्ति को प्रबल रूप से प्रत्यक्ष कराती है ।"४ कल्पना की एक विशेषता यह है कि वह कुछ ऐसे सत्यों का स्वरूप भी निरूपित करती है, जो प्रत्यक्ष नहीं, अपितु संभावित है। यथार्थ जगत् में जो प्रत्यक्ष है वह उतना ही सब कुछ है : पर कल्पनाप्रसूत भाव-जगत् में वह भी है, जो हो १. अपूर्ववस्तुनिर्माणक्षमा प्रशा। -लोचन २. कात्यघटनानुकूलशब्दार्थोपस्थितिः। -रसगगाधर ३. शक्ति कवित्वयीजरूपः संस्कारविशेषः कश्चित् | -काव्यप्रकाश ४. ... The objective imagination which visualises strongly the outward aspects of life and thing : the subjective imagi- nation which visualises strongly the mental and emotional impressions they have the power to start in the mind. The future poetry, style & substance.