पृष्ठ:कार्ल मार्क्स पूंजी २.djvu/५७

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पूंजी के रूपांतरण और उनके परिपथ दौर द्र मा में उसकी गति रुक जाये, तो द्रव्य पूंजी अपसंचय का जड़ रूप धारण कर लेगी। यदि उत्पादन के दौर में उसकी गति रुक जाये, तो एक ओर उत्पादन साधनों को कार्यशीलता ठप हो जायेगी, दूसरी ओर श्रम शक्ति भी बेकार पड़ी रहेगी। यदि पूंजी के अन्तिम दौर मा' द्र' में उसकी गति रुक जाये, तो अनविके माल का ढेर लग जायेगा और वह परिचलन प्रवाह को अवरुद्ध कर देगा। किन्तु सारी प्रक्रिया का नैसर्गिक रूप ही ऐसा होता है कि स्वयं परिपथ पूंजी के विभिन्न दौरों में किन्हीं निश्चित अवधियों के लिए पूंजी को स्थिरता को अनिवार्य कर देता है। अपने प्रत्येक दौर में प्रौद्योगिक पूंजी किसी एक निश्चित रूप से - द्रव्य पूंजी, उत्पादक पूंजी और माल पूंजी के रूप से बंधी होती है। नये रूपान्तरण के दौर में प्रविष्ट हो पाने के लिए जो रूप दरकार है, उसे वह तव तक प्राप्त नहीं कर सकती कि जब तक कि वह प्रत्येक रूप विशेष के अनुसार कार्य विशेप सम्पन्न न कर ले। यह स्पष्ट करने के लिए अपने उदाहरण में हमने यह मान लिया है कि उत्पादन की मंज़िल में माल का जो परिमाण निर्मित होता है, उसका पूंजी मूल्य उस समस्त मूल्य राशि के बराबर होता है, जो प्रारम्भ में द्रव्य रूप में पेशगी दी गई थी। दूसरे शब्दों में द्रव्य रूप में पेशगी दिया हुआ समस्त पूंजी मूल्य थोक रूप में एक मंज़िल पार करके दूसरी में पहुंच जाता है। लेकिन हम देख चुके हैं (खंड १, अध्याय ६). कि स्थिर पूंजी का एक अंश , वास्तविक श्रम उपकरण (जैसे कि मशीनें), उत्पादन की प्रक्रियाओं को अनेकानेक बार दोहराते हुए निरन्तर नये सिरे से काम में आते हैं। इस कारण वे अपना मूल्य उत्पाद में अंशतः स्थानान्तरित करते हैं। हम आगे देखेंगे कि यह बात किस हद तक पूंजी की वृत्तीय गति को बदलती है। यहां केवल इतना कहना काफ़ी है : हमारे उदाहरण में ४२२ पाउंड रक़म की उत्पादक पूंजी के मूल्य में कारखाने की इमारतों, मशीनों, आदि की श्रीसत छीजन ही शामिल की गई है। दूसरे शब्दों में मूल्य का केवल वह भाग शामिल किया गया है, जिसे उन्होंने , १०,६०० पाउंड कपास को १०,००० पाउंड सूत में बदलते हुए - और यह एक हफ्ते की ६० घण्टे की कताई की उपज है- सूत में स्थानान्तरित किया था। उत्पादन के जिन साधनों में पेशगी दी ३७२ पाउंड की स्थिर पूंजी रूपान्तरित हुई थी, वे श्रम उपकरण, इमारतें, मशीनें, आदि यों सामने आये थे, मानो उन्हें वाज़ार से हपतावार दर से किराये पर लिया गया हो। लेकिन इससे सारतत्व में कोई फर्क नहीं पड़ता। किसी एक हफ्ते में जितना भूत तैयार किया गया है, उससे , अर्थात १०,००० पाउंड सूत से कुछ वर्षों में सन्निहित हफ़्तों की संख्या को गुणा करें, तो हम श्रम के उन औज़ारों का समूचा मूल्य सूत में स्थानान्तरित कर देंगे, जो इस अवधि में ख़रीदे गये और खपे हैं। तो यह स्पष्ट है कि इसके पहले कि पेशगी दी द्रव्य पूंजी उत्पादक पूंजी उ का कार्य करे, उसे इन उपकरणों में रूपान्तरित होना होगा, अतः द्र मा का पहला दौर पूरा कर डालना होगा। हमारे उदाहरण में यह भी स्पष्ट है कि ४२२ पाउंड का जो पूंजी 'मूल्य उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सूत में मूर्त होता है, वह १०,००० पाउंड मूत के मूल्य का अंश तब तक नहीं बन सकता, मा' - द्र' के परिचलन दौर में प्रवेश नहीं कर सकता कि जब तक वह तैयार न हो जाये। जब तक वह काता नहीं तब तक वेचा नहीं जा सकता। . जाता .

  • हिन्दी संस्करण : अध्याय

८1-सं०