पृष्ठ:कार्ल मार्क्स पूंजी १.djvu/५०६

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मशीनें और माधुनिक उद्योग ५०३ लिये अब मजदूरों की अपेक्षाकृत कम संख्या परी होती है। इन दोनों बातों का यह परिणाम होता है कि बिलास की नयी मावश्यकताओं के पैदा होने के साथ-साथ मावश्यकताओं को पूरा करने के साधन भी पैदा होते जाते हैं। समाज की पैदावार का पहले से बड़ा हिस्सा अतिरिक्त पैदावार में बदल जाता है, और अतिरिक्त पैदावार का पहले से बड़ा हिस्सा नाना प्रकार के परिष्कृत स्मों में उपभोग के निमित चला पाता है। दूसरे शब्दों में, विलास की वस्तुओं का उत्पादन बढ़ जाता है। इसी प्रकार, माधुनिक उद्योग दुनिया की मण्डियों के साथ जो मये सम्बंध स्थापित कर देता है, उनसे भी पैदावार विविष प्रकार के नये परिष्कृत रूप धारण कर लेती है। न केवल देशी पैदावार के साथ पहले से अधिक मात्रा में विलास की विदेशी वस्तुओं का विनिमय होने लगता है, बल्कि वेशी उद्योगों में पहले से अधिक मात्रा में विदेशी कच्चे मालों, सामग्रियों और अन्तकालीन पैदावारों का उत्पादन के साधनों के रूप में उपयोग होने लगता है। दुनिया की मंडियों के साथ इन सम्बंधों के स्थापित हो जाने के फलस्वरूप सामान लाने-ले जाने के ये नाना प्रकार की शाखाओं में बंट जाते हैं और उनमें श्रम की मांग बढ़ जाती है।' उत्पादन तथा जीवन-निर्वाह के साधनों में जो वृद्धि होती है और उसके साथ-साथ मजदूरों की संख्या में जो तुलनात्मक कमी पा जाती है, उनके फलस्वरूप नहरें बनाने, डॉक तैयार करने, सुरंगें खोदने और इसी प्रकार के केवल सुदूर भविष्य में फल देने वाले अन्य कामों में श्रम की मांग बढ़ जाती है। या तो मशीनों के प्रत्यन परिणाम के रूप में और या मशीनों से उत्पन्न सामान्य प्रौद्योगिक परिवर्तनों के फलस्वरूप उत्पादन की सर्वथा नयी शाखाएं पैदा हो जाती है, जो श्रम के नये क्षेत्र पैदा कर देती हैं। लेकिन सामान्य उत्पादन में इन शालाओं को जो स्थान प्राप्त होता है, वह अधिक से अधिक विकसित देशों में भी महत्वपूर्ण नहीं होता। इन शालाओं में नौकरी पाने वाले मजदूरों की संख्या सोधे इस बात पर निर्भर करती है कि इन उद्योगों ने सबसे अधिक अपरिणत ढंग के हाथ के श्रम की कितनी बड़ी मांग को जन्म दिया है। पाजकल इस प्रकार के मुख्य उद्योग ये हैं: गैस तैयार करने वाले कारखाने, तार-व्यवस्था, फोटोग्राफी, भाप से चलने वाले जहाज और रेलें। इंगलैंड और वेल्स की १८६१ की जनगणना के अनुसार उस समय गैस-उद्योग में काम करन वाले लोगों की संख्या १५,२११ वी (इनमें गैस के कारखानों में काम करने वाले मजदूर, पावश्यक यांत्रिक उपकरण तैयार करने वाले मजदूर, गैस-कम्पनियों के कर्मचारी इत्यादि शामिल थे), तार- व्यवस्था में २,३६६, फोटोग्राफ्री में २,३६६, भाप से चलने वाले बहाबों में ३,५७० पौर रेलों में ७०,५९६ व्यक्ति काम कर रहे थे, जिनमें सुबाई का काम करने वाले ऐसे प्रनिपुण मजदूरों की, जिनको न्यूनाधिक रूप में स्थायी नौकरी प्राप्त थी, और पूरे प्रशासकीय एवं पाणिज्यिक कर्मचारीपल की संख्या लगभग २८,००० बैठती थी। इसलिये, इन पांच नये उद्योगों में कुल मिलाकर १४,१४५ व्यक्तियों को रोजगार हासिल था। . . IF. Engels ने अपनी रचना "Lage, &c." में बताया है कि विलास की इन वस्तुमों को जो लोग तैयार करते है, उनमें से एक बड़ी संख्या बहुत मुसीबत का जीवन बिताती है। इसके अलावा "Reports of the Children's Employment Commission" ('बाल-सेवायोजन पायोग की रिपोर्टी') में भी इसके अनेक उदाहरण मिलते हैं। १९६१ में इंगलैण्ड और वेल्स में ९४,६६५ मल्लाह व्यापारिक बेड़े में काम कर रहे थे।