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में हम केवल यही कह सकते है कि हमारे एक मित्र, जो हिन्दी-साहित्य से सर्वथा विरक्त थे, इन पाद-टिप्पणियों की सहायता से विद्यापति का अध्ययन करके ही, हिन्दी साहित्य के उपासक बन गये। Lala Lajpat Rai's world-renowned weekly 'The People wites-Vidyapati is one of the most brilliant jewels of the classical Hindi literature. His place in the History of Hindi poetry is unique. He is second to Surdas only in beautifully depicting Radha's passion His choice of words is matchless and most appropriate In sweetness and eloquence he excells all Hindı writers of his age Pandit Rama Briksha Sharma of Benipur has brought out a beautiful selection of Vidyapati's poem of concise form. The book contains a beautiful preface which gave Vidyapatı’s life and an estimate of his poetry Every reader of the beautiful selection of Vidyapatı's poems is sure to be rewarded with delight and pleasure that are the fruit of literary pursuits

सुन्दर रेशमी जिल्द, सुन्दर नौ चित्र, रेशमी बुकमार्क और चिकने आवरण आदि से सुशोभित, मूल्य २)

२-बिहारी-सतसई

टीकाकार-श्रीरामवृक्ष शर्मा बेनीपुरी

केवल छः महीने में प्रथम संस्करण बिक गया

अबतक सतसई की जितनी टीकायें निकली हैं, यह उन सबसे सुन्दर, सरल, सुसम्पादित और सस्ती है। यह परिष्कृत और