पृष्ठ:आर्थिक भूगोल.djvu/५०६

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खेती

14 . .. .. खेती कर दिया जावे क्योंकि यह अधिकतर विदेशों को भेजी जाती हैं जहाँ प्रतिस्पर्धा अधिक है और लाभ कम होता है। (५) बागों, बंगलों और मकानों में गृह वाटिका लगाने का आन्दोलन प्रारम्भ किया जाय जिससे लोग घरों में ही सब्जी उत्पन्न कर सकें। (६) मछलियों की ओर अभी तक इस देश में तनिक भी ध्यान नहीं दिया गया । केवल मदरास में समुद्री मछली के धंधे को वैज्ञानिक ढंग पर संगठित करने का प्रयत्न किया गया है। बंगाल में नदियों और तालाबों में भी बहुत मछली उत्पन्न की जाती है किन्तु बंगाल और बम्बई तट पर समुद्री मछली के धंधे को तनिक भी प्रोत्साहन नहीं दिया गया। यदि मछली के धन्धे का वैज्ञानिक ढंग से संगठन किया जा सके तो मछली की उत्पत्ति को बहुत बढ़ाया जा सकता है।.. (५) चारे की पैदावार को बढ़ने का प्रयत्न किया जावे । चारा उत्पन्न करने वाली फसलें अधिकाधिक उत्पन्न की जावें और, घास :का अधिक मितव्ययितापूर्वक उपयोग हो तो अधिक दूध उत्पन्न किया जा सकता है। भोजन की समस्या तमी हल हो सकती है : जब, सरकार और जनता दोनों पूरा प्रयत्न करें नहीं तो यह समस्या. कभी भी सफल नहीं हो सकती। अभ्यास के प्रश्न १-भारत में खेती की दशा गिरी हुई क्यों है । कारण सहित लिखिए । २-भारत में गेहूँ और चावल की खेती कहाँ होती है.उस पर प्रकाश

: डालिए...

३-भारत में दूध और घी के धन्धे की क्या दशा है विस्तारपूर्वक लिखिए । ४-नीचे लिखी फसलों के सम्बंध में नोट लिखिए :-चाय, कहवा, खर। . ५-भारत में जूट और.कपास की खेती का विस्तार पूर्वक वर्णन कीजिए। ६.-एक मानचित्र बनाइये और उसमें चाय, जूट, गेहूँ और कपास उत्पन्न, करने वाले क्षेत्रों को दिखलाइए । ७-मारत में खाद्य पदार्थों की कमी के क्या कारण हैं और खाद्य पदार्थो: की कमी को किस प्रकार.दूर किया जा सकता है। -भारत में गन्ने की खेती का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए और बतलाइए कि गन्ना कहाँ मिलता है। - १+मारत में ऊन और रेशम उत्पन्न करने के पन्धे का संक्षिप्त. विवरण दीजिए। १०-नीचे लिखी फसलों के सम्बन्ध में एक छोटा लेख लिखिये:- चाय, कपास, या गन्ना : २ 11.