यह पृष्ठ सदस्य रोहित साव27 का वार्ता पन्ना है, जहाँ आप रोहित साव27 को संदेश भेज सकते हैं और इनसे चर्चा कर सकते हैं।

प्रिय रोहित साव27, हिन्दी विकिस्रोत पर आपका स्वागत है!

निर्वाचित सूची उम्मीदवार का सिम्बल

विकिस्रोत एक मुक्त पुस्तकालय है जो दुनिया भर के योगदानकर्ताओं द्वारा सभी के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है।
निम्नलिखित पृष्ठों से आपको सहायता मिल सकती है
:

आप अपने प्रयोगस्थल पर जाकर जितना चाहें संपादन संबंधी प्रयोग कर सकते हैं। किसी भी वार्ता/संवाद पृष्ठ, चौपाल या अन्य कहीं भी बातचीत के दौरान अपनी बात के बाद चार टिल्ड --~~~~ लगाकर अपना हस्ताक्षर अवश्य करें।

आइए मिलकर हिंदी का एक बेहतरीन मुक्त पुस्तकालय बनाएं

अनिरुद्ध! (वार्ता) २०:४६, १ अक्टूबर २०१९ (UTC)

@रोहित साव27 जी --विकिस्रोत पर सकारात्मक योगदान के लिए हिंदी विकि समुदाय आपको धन्यवाद देता है। आपसे अनुरोध है कि श्रेणी को पन्ने के मुख्य पाठ पर न लगाएँ और न ही उसे निचले पाठ से हटाएँ। प्रशिक्षण के पूर्व किसी भी पृष्ठ को प्रमाणित न करें। नीलम (वार्ता) ०९:०५, ३० दिसम्बर २०१९ (UTC)

@रोहित साव27 जी --अब आप विकिस्रोत के अनुभवी योगदानकर्ता हैं इसलिए आपसे विकिस्रोत:संपादन नीति के अनुरूप योगदान करने की उम्मीद की जाती है। नीलम (वार्ता) ०७:५६, २८ जनवरी २०२० (UTC)

@रोहित साव27 जी -आपके अब तक के संपादन सराहनीय हैं किंतु पृष्ठ:पाँच फूल.djvu/४३ जैसे अनेकों पृष्ठों में आपने पृष्ठ संख्या को पाठ के ऊपरी हिस्से पर लिखने के बजाय मुख्य पाठ पर लिखा है। अनुभवी सदस्य होने के नाते आप ऐसा दोबारा न करें। हिंदी विकि समुदाय भविष्य में आपके सकारात्मक योगदान की आशा करता है। आप सदा अपना महत्त्वपूर्ण योगदान देते रहिए। नीलम (वार्ता) १२:५९, २९ फ़रवरी २०२० (UTC)

@रोहित साव27 जी -आपके सकारात्मक योगदान सराहनीय हैं किंतु आप अभी मुखपृष्ठ में किसी प्रकार की तब्दीलियाँ मत कीजिए। आपने मुखपृष्ठ पर पूर्ण पुस्तकों में उन पुस्तकों को जोड़ा है जो कि अभी तक निर्वाचित नहीं हुई हैं। आशा है आप आगे भी अपने सकारात्मक योगदान देते रहेंगे। नीलम (वार्ता) १६:३०, १० मार्च २०२० (UTC)

Indic Wikisource Proofreadthonसंपादित करें

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सार्वभौमिक आचार संहिता (यूनिवर्सल कोड ऑफ कंडक्ट) पर आपके महत्वपूर्ण विचारसंपादित करें

प्रिय मित्र,

सार्वभौमिक आचार संहिता (यूनिवर्सल कोड ऑफ कंडक्ट) जिसका उद्देश्य विकिपीडिया पर ऐसा वातावरण बनाने में मदद करना है जहाँ कोई भी, बिना किसी उत्पीड़न अथवा भय के, सुरक्षित रूप से अपना योगदान दे सके। इस विषय पर विभिन्न समुदाय के सदस्यों से उनके विचार एकत्रित किए जा रहे हैं।

चूँकि आप समुदाय के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं, आपके दिए विचार तथा सुझाव हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है जो की इस सार्वभौमिक आचार संहिता को बनाने में न केवल सहायक होंगे अपितु हमारे विकिपीडिया समुदाय का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। आपके लिए इस आचार संहिता की भाषा और सामग्री को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने, उत्पीड़न मुक्त स्थान बनाने तथा विकी आंदोलन को आगे बढ़ाने में योगदान करने का प्रमुख अवसर है। आपकी सुविधा हेतु एक गूगल प्रपत्र (फॉर्म ) (कुछ ही मिनटों में भरने योग्य) भी तैयार किया गया है जिसके भरनेकी अंतिम तिथि 25 अप्रेल 2020 है, इस प्रपत्र को भरकर इस विषय पर अपने विचार/सुझाव देवें इसके अतिरिक्त आप अपने विचार चौपाल, मेरे वार्ता पृष्ठ, अथवा सीधे ई-मेल (suyash-ctr [at] wikimedia [.] org) के माध्यम से भी दे सकते है, धन्यवाद!

यह संदेश 'मास-मैसेज' संदेश सुविधा के माध्यम से दिया गया है। --Suyash (WMF), शनिवार २:५०, १५ अगस्त २०२० (UTC)

निर्वाचित पुस्तक पृष्ठ निर्वाचन के बाद बनाएँसंपादित करें

हिन्दी विकिस्रोत पर निर्वाचित पुस्तक नीति स्वीकृत हो चुकी है इसलिए अब निर्वाचित पुस्तक पृष्ठ निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बनाएँ। आकाश-दीप को निर्वाचित पुस्तक बनाने के लिए पहले उसे निर्वाचित पाठ उम्मीदवार पृष्ठ पर नामांकित करें। --नीलम (वार्ता) ०५:५१, १० जुलाई २०२० (UTC)

@नीलम: जी माफ़ी चाहूंगा। भविष्य में ध्यान रखूंगा।-रोहित(💌) १०:१५, १० जुलाई २०२० (UTC)

@नीलम: जी निर्वाचित पाठ के लिए मैंने आकाश-दीप का नामांकन किया है पर निवेदन है कि एक बार आप भी देख लें। कोई गलती कर दी हो तो माफ़ी चाहूंगा 😅।-रोहित(💌) १०:३९, १० जुलाई २०२० (UTC)

रोहित साव27 जी नमस्कार। आवश्यकता पड़ने पर पुस्तक निर्वाचन संबंधी टिप्पणी निर्वाचित पाठ उम्मीदवार पृष्ठ पर ही की जाएगी। आप निश्चिंत होकर संपादन कीजिए। --नीलम (वार्ता) १२:३२, ११ जुलाई २०२० (UTC)

@नीलम: जी धन्यवाद-रोहित(💌) १८:३०, ११ जुलाई २०२० (UTC)

बधाईसंपादित करें

प्रिय रोहित साव27, हिन्दी विकिस्रोत को एक लाख पुस्तक पृष्ठ के लक्ष्य तक पहुँचाने में योगदान के लिए आपका धन्यवाद। हम आशा करते हैं कि आप इसी तरह हिन्दी विकिस्रोत को अधिक उपयोगी और समृद्ध बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

बधाई हो!

--नीलम (वार्ता) ०४:५७, १३ जुलाई २०२० (UTC)

@नीलम: जी सभी को बहुत बहुत बधाई 🙂-रोहित(💌) १२:४६, १३ जुलाई २०२० (UTC)

आपके द्वारा <br> का लगाया/हटाया जानासंपादित करें

हाल ही में देखा जा रहा है कि आप पन्नों के अंत और आरंभ से <br> या तो हटा रहे हैं या लगा रहे हैं। सामान्यतया जब कोई पंक्ति अधूरी होती है या नए पैराग्राफ से बिना गैप दिए वाक्य आरंभ हो रहा होता है तो इसका प्रयोग किया जाता है। आप पृष्ठ के अंत में भी इसे जोड़ रहे हैं जहाँ वाक्य अधूरा नहीं बल्कि पूरा है। ऐसा करने के पीछे कोई विशेष कारण है तो बताएँ। अगर कोई विशेष कारण न हो तो इसे तत्काल बंद करके वर्तनी अशुद्धियों पर ध्यान केंद्रित करें। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १२:५१, २२ जुलाई २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी आपने जैसा कहा समान्य रूप में तो <br> का प्रयोग वैसे ही किया जाता है किन्तु कर्मभूमि में जिन पृष्ठों में पंक्ति अधूरी रह जा रही है वहां <br> लगाने से वह परापूर्ण करने पर पैराग्राफ बदल के शुरू हो रही है। उदाहरण:-

"नैना के लिए रास्ता साफ कर दे; पर समर

कान्त इस विषय में निश्चल रहे"

वह अगर <br> हटा दें तो परापूर्ण करने पर वह इस प्रकार शुरू होगी:- ""नैना के लिए रास्ता साफ कर दे; पर समर कान्त इस विषय में निश्चल रहे"

कर्मभूमि में चूंकि बिना <br> लगाए ही पृष्ठ के पाठ आगे से सट कर शुरू हो रहे हैं इसलिए मुझे लगा कि <br> लगाने पर ही वह पैराग्राफ बदल कर शुरू हो रही है। एक और बात है सामान्य रूप में जहां पंक्ति पूरी हो जाती है वहां पर <br> लगाना नहीं चाहिए किन्तु कर्मभूमि में मैंने देखा कि ऐसा करने पर परापूर्ण करने पर उसका बाद वाला पृष्ठ अपने अपने पहले वाले पृष्ठ के समानांतर शुरू हो रही है ना कि पैराग्राफ बदल कर। इसलिए मैंने <br> को बदला। एक बार आप देखें अगर गलत हो तो मैं आज ही सारे पृष्ठ जिनमें मैंने परिवर्तन किए उन्हें पहले जैसा कर दूंगा।-रोहित(💌) ०९:०३, २३ जुलाई २०२० (UTC)

उदाहरण आप कर्मभूमि/पहला भाग २ में देख सकते हैं इसमें पृष्ठ 9 के नीचे से और पृष्ठ 10 के ऊपर से मैंने <br> हटा दिया तो परापूर्ण में ये साथ-साथ सीधे शुरू हो रहे हैं किन्तु <br> लगा दें तो यें पैराग्राफ बदल कर शुरू होंगे।-रोहित(💌) ०९:०८, २३ जुलाई २०२० (UTC)

उसके लिए आवश्यक बदलाव कर दिए गए हैं। आप एक बार फिर से कर्मभूमि के परापूर्ण पन्ने देखें। अगर कहीं समस्या दिख रही हो तो बताएँ। बिना <br> कोड के पन्ने वहीं मिल रहे दिख रहे होंगे जहाँ अंत या आरंभ में वाक्य अधूरे होंगे। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०९:११, २३ जुलाई २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी मुझे तो अभी भी ठीक नहीं लग रहा। नियमानुसार कर्मभूमि के 12वें पृष्ठ में <br> नहीं लगाना चाहिए पर अगर हम वहां <br> ना लगाएं तो 13वां पृष्ठ परापूर्ण में अलग पैराग्राफ से शुरू ना होकर 12वें पृष्ठ के सीधे शुरू हो रहा है। यहां पर कर्मभूमि/पहला भाग ३ देखें।-रोहित(💌) ०९:२३, २३ जुलाई २०२० (UTC)

और अभी भी वही पुरानी समस्या दिख रही है, कर्मभूमि के पृष्ठ नम्बर 75 के नीचे और पृष्ठ नम्बर 76‌के ऊपर‌ से अगर <br> ना हटाए तो परापूर्ण में वह पैराग्राफ के साथ शुरू होंगे जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।-रोहित(💌) ०९:२८, २३ जुलाई २०२० (UTC)

यही तो करना है। पढ़ते हुए बस पैराग्राफ़ अलग हो तो एक गैप से दिखना चाहिए। वरना अनावश्यक पैराग्राफ़ तोड़ने का कोई औचित्य नहीं है। अलग पन्नों की स्थिति जिसे देखनी होगी वह पन्ने के लिंक से जाकर मूल में देख सकता है। पढ़ने के दौरान वाक्य विभाजित न दिखें, बस इसकी कोशिश करनी है। बाक़ी सब अनावश्यक है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०९:३२, २३ जुलाई २०२० (UTC)
दरअसल हम <br> के साथ <br/> इसीलिए लगाते थे कि अंत और आरंभ के दोनों अधूरे वाक्य परापूर्णन के दौरान मिलकर एक दिखें। अब बदलाव के बाद ये बिना कोड के ही मिलकर दिखने लगे हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि इनका प्रयोग पन्नों के अंत और आरंभ में करना अब अनावश्यक है। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) ०९:३७, २३ जुलाई २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी ठीक है अब <br> कोड में बदलाव नहीं करूंगा, पहले के लिए भी माफ़ी चाहूंगा मुझे लगा <br> के कारण दो अधूरे संवाद वाले पृष्ठ परापूर्ण में एक साथ शुरू ना होकर पैराग्राफ से शुरू हो रहे हैं इसलिए उन्हें हटा/लगा रहा था ताकि परापूर्ण में वें सही हो जाएं।-रोहित(💌) ०९:४७, २३ जुलाई २०२० (UTC)

अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानकोश का परापूर्णनसंपादित करें

प्रिय रोहित, अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानकोश का परापूर्णन अक्षरानुसार न करके यदि शब्दों के अनुसार करें तो बेहतर रहेगा। इसमें शब्दों का परिचय इतना बड़ा है कि उसे स्वतंत्र पृष्ठ के रूप में रखा जा सके। अनिरुद्ध कुमार (वार्ता) ११:५७, ५ अगस्त २०२० (UTC)

@अनिरुद्ध कुमार: जी शब्द से तात्पर्य क्या नाम से अध्याय बनाया जाना चाहिए? जैसे-- गांधी जी का एक अध्याय, आस्ट्रेलिया का एक अध्याय।-रोहित(💌) १५:००, ५ अगस्त २०२० (UTC)
हाँ आप ठीक समझ रहे हैं। कुछ पृष्ठ मैने बना दिए हैं। आप उन्हें देख सकते हैं। उदाहरण के लिए आप अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानकोश/अखिल इस्लामवाद देखिए। अनिरुद्ध कुमार (वार्ता) २२:४०, ५ अगस्त २०२० (UTC)
@अनिरुद्ध कुमार: जी धन्यवाद अब मैं समझ गया। आपसे निवेदन है कि मेरे पुराने परापूर्ण पृष्ठ जो अक्षरानुसार है उन्हें हटा दें। धन्यवाद:-)---रोहित(💌) २२:४७, ५ अगस्त २०२० (UTC)

आपके संपादनसंपादित करें

@रोहित साव27: जी, कृपया आप पुस्तक भारतवर्ष का इतिहास पर कुछ पृष्ठ छोड़कर संपादन करिए। साथ-साथ संपादन होने से लगातार संपादन अन्तर्विरोध हो जा रहा है। आगे भी इस बात का ध्यान रखें कि जब किसी पुस्तक पर काम हो रहा हो तो कुछ पन्ने छोड़कर काम करा करिए। अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखें। धन्यवाद। --सौरभ तिवारी 05 (वार्ता) १५:०१, ९ अगस्त २०२० (UTC)

@सौरभ तिवारी 05: जी माफ़ी चाहूंगा, मैं इस बात से अवगत नहीं था कि मेरे कारण आपकों परेशानी हो रही थी। अगली बार ध्यान रखूंगा।---रोहित(💌) ०९:१८, १२ अगस्त २०२० (UTC)

आपके प्रमाणित पृष्ठसंपादित करें

@रोहित साव27: कोई भी पृष्ठ जल्दबाज़ी में प्रमाणित न करें, जैसा कि आपने इस पृष्ठ पर किया है। प्रमाणित पृष्ठ को पुनः जाँचना थोड़ा मुश्किल होता है। आगे से इसका ध्यान रखें। --अजीत कुमार तिवारी (वार्ता) १८:२७, १२ अगस्त २०२० (UTC)

@अजीत कुमार तिवारी: जी मैं आगे से ध्यान रखूंगा। इस पृष्ठ पर कुछ मेरी लापरवाही और कुछ शब्द मिटे होने के कारण गलती हो गई। अगली बार ध्यान रखूंगा धन्यवाद।---रोहित(💌) २०:२२, १२ अगस्त २०२० (UTC)